Hanuman Chalisa Hindi

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July 04, 2019

Shani Chalisa | श्री शनि देव चालीसा | Download

Shani Chalisa | श्री शनि देव चालीसा भगवान श्री शनि देव की कृपा प्राप्ति का महा मन्त्र है. भगवान श्री शनि देव की कृपा प्राप्ति के लिए प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को Shani Chalisa | शनि देव की चालीसा का पाठ अवस्य करें.
इससे आप पर शनि देव की कृपा बनी रहेगी. साथ ही शनि की साढ़े साती और ढहिया से मुक्ति मिलेगी.
शनि चालीसा एक बहुत ही शक्ति शाली मन्त्र है. इसके जाप सदा ही शुभ फलदायी  सिद्ध होता है. शनि देव की वक्र दृष्टि यह शनि चालीसा बचाती है.
एक बात और मैं आप लोगों का बताना चाहता हूँ की शनि देव इस जगत के न्यायाधीश हैं. वे हमें हमारे कर्मो का फल देते हैं. अगर हमारे कर्म बुरे हैं तो वे हमें दण्ड देतें हैं. इसलिय हमेशा अच्छे कर्म करें. अगर आपसे जाने अनजाने कोई बुरा कर्म हो चूका है. तो सच्चे दिल से शनि देव से क्षमा याचना करें और भविष्य में कभी भी कोई बुरा कर्म नहीं करें.
तभी जाकर आपको शनि देव की कृपा प्राप्ति होगी. शनि चालीसा का पाठ भी करेंगे और बुरे कर्म भी करेंगे तो आपको इसका कोई भी फल प्राप्त नहीं होगा. इसलिए शनि चालीसा के पाठ के साथ ही हमेशा अच्छे कर्म करें.



Shani Chalisa Hindi

शनि चालीसा
shani chalisa in hindi
Shani Dev


॥दोहा॥

जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल करण कृपाल ।

दीनन के दुःख दूर करि, कीजै नाथ निहाल ॥

जय जय श्री शनिदेव प्रभु, सुनहु विनय महाराज ।

करहु कृपा हे रवि तनय, राखहु जन की लाज ॥

॥चौपाई॥

जयति जयति शनिदेव दयाला । 
करत सदा भक्तन प्रतिपाला ॥

चारि भुजा, तनु श्याम विराजै । 
माथे रतन मुकुट छवि छाजै ॥

परम विशाल मनोहर भाला । 
टेढ़ी दृष्टि भृकुटि विकराला ॥

कुण्डल श्रवण चमाचम चमके । 
हिये माल मुक्तन मणि दमके ॥

कर में गदा त्रिशूल कुठारा । 
पल बिच करैं अरिहिं संहारा ॥

पिंगल, कृष्णों, छाया, नन्दन । 
यम, कोणस्थ, रौद्र, दुःख भंजन ॥

सौरी, मन्द, शनि, दशनामा । 
भानु पुत्र पूजहिं सब कामा ॥

जा पर प्रभु प्रसन्न है जाहीं । 
रंकहुं राव करैं क्षण माहीं ॥

पर्वतहू तृण होई निहारत । 
तृणहू को पर्वत करि डारत ॥

राज मिलत वन रामहिं दीन्हो । 
कैकेइहुं की मति हरि लीन्हो ॥

बनहूं में मृग कपट दिखाई । 
मातु जानकी गई चतुराई ॥

लखनहिं शक्ति विकल करिडारा । 
मचिगा दल में हाहाकारा ॥

रावण की गति मति बौराई । 
रामचन्द्र सों बैर बढ़ाई ॥

दियो कीट करि कंचन लंका । 
बजि बजरंग बीर की डंका ॥

नृप विक्रम पर तुहि पगु धारा । 
चित्र मयूर निगलि गै हारा ॥

हार नौलाखा लाग्यो चोरी । 
हाथ पैर डरवायो तोरी ॥

भारी दशा निकृष्ट दिखायो । 
तेलिहिं घर कोल्हू चलवायो ॥

विनय राग दीपक महँ कीन्हों । 
तब प्रसन्न प्रभु हवै सुख दीन्हों ॥

हरिश्चन्द्र नृप नारि बिकानी । 
आपहुं भरे डोम घर पानी ॥

तैसे नल पर दशा सिरानी । 
भूंजी-मीन कूद गई पानी ॥

श्री शंकरहि गहयो जब जाई । 
पार्वती को सती कराई ॥

तनिक विलोकत ही करि रीसा । 
नभ उड़ि गयो गौरिसुत सीसा ॥

पाण्डव पर भै दशा तुम्हारी । 
बची द्रोपदी होति उधारी ॥

कौरव के भी गति मति मारयो । 
युद्ध महाभारत करि डारयो ॥

रवि कहं मुख महं धरि तत्काला । 
लेकर कूदि परयो पाताला ॥

शेष देव-लखि विनती लाई । 
रवि को मुख ते दियो छुड़ई ॥

वाहन प्रभु के सात सुजाना । 
जग दिग्ज गर्दभ मृग स्वाना ॥

जम्बुक सिंह आदि नख धारी । 
सो फल ज्योतिष कहत पुकारी ॥

गज वाहन लक्ष्मी गृह आवैं । 
हय ते सुख सम्पत्ति उपजावै ॥

गर्दभ हानि करै बहु काजा । 
गर्दभ सिंद्धकर राज समाजा ॥

जम्बुक बुद्धि नष्ट कर डारै । 
मृग दे कष्ट प्राण संहारै ॥

जब आवहिं प्रभु स्वान सवारी । 
चोरी आदि होय डर भारी ॥

तैसहि चारि चरण यह नामा । 
स्वर्ण लौह चाँजी अरु तामा ॥

लौह चरण पर जब प्रभु आवैं । 
धन जन सम्पत्ति नष्ट करावै ॥

समता ताम्र रजत शुभकारी । 
स्वर्ण सर्वसुख मंगल कारी ॥

जो यह शनि चरित्र नित गावै । 
कबहुं न दशा निकृष्ट सतावै ॥

अदभुत नाथ दिखावैं लीला । 
करैं शत्रु के नशि बलि ढीला ॥

जो पण्डित सुयोग्य बुलवाई । 
विधिवत शनि ग्रह शांति कराई ॥

पीपल जल शनि दिवस चढ़ावत । 
दीप दान दै बहु सुख पावत ॥

कहत राम सुन्दर प्रभु दासा । 
शनि सुमिरत सुख होत प्रकाशा ॥

॥दोहा॥

पाठ शनिश्चर देव को, की हों विमल तैयार ।

करत पाठ चालीस दिन, हो भवसागर पार ॥

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shani chalisa in hindi
Shani dev

Shani Chalisa

Doha

Jai Ganesh Girija suwan,
Mangal karan kripal.
Dinan ke dukh dur kari,
Kije nath nihal.
Jai Jai Shri Shanidev prabhu,
Sunah vinay maharaj.
Karah kripa he Ravi tanay,
Rakhah jan ki laaj.

Chaupai


Jayati jayati Shanidev dayala.
Karat sada Bhaktan Pratipala.

Chari bhuja, Tanu Shyam biraje,
Mathe ratan mukut chawi chhaje.


Param wishal manohar bhala,
Tedhi drishti bhrikuti wikrala.

Kundal shrawan chamacham chamke,
Hiye mal muktan mani damke.

Kar me gada trishul kuthara,
Pal bich kare arihi sanhara.

Pingal,Krishna, Chaya nandan,
Yam, Konashth, Raudra, Dukh bhanjan.

Sauri, Mand, Shani Dashnama,
Bhanu putra pujahin sab kama.

Ja par Prabhu Prasann he jaahin,
Rankah raaw karen kshan maahin.

Parwtah tan hoi niharat,
Tanah ko parwat kari daarat.

Raj milat wan Ramhi dinho,
Kaikeihn ki mati hari linho.

banhn me mrig kapat dikhai,
Maatu Jaanki gai chaturai.

Lakhanhi shakti wikal karidara,
Machinga dal me hahakara.

Raawan ki gati mati baurai,
Ramchandra sou bair badhai.

Diyo kit kari kanchan Lanka,
Baji Bajrang bir ki danka.

Nap wikram par tuhi pagu dhara,
Chitra mayur nigali gai hara.

Har naulakha laagyo chori,
Haath pair darwaayo tori.

Bhari dasha nikrisht dikhayo,
Telihin ghar kolh chalwaayo.

Vinay rag deepak mahn kinho,
Tab prasann prabhu hawe sukh dinho.

Harishchandra nrip naari bikani,
Aapahn bhare dom ghar paani.

Tese nal par dasha sirani,
Bhunji min kud gai paani.

Shri Shankarhi gahyo jab jai,
Paarwati ko sati karai.

Tanik wilokat hi kari risa,
nabh udi gayo gaurisut sisa.

Paandaw par bai dasha tumhari,
Bachi Dropadi hoti udhari.

Kaurav ke bhi gati mati maaryo,
Yuddh Mahabharat kari Daaryo.

Ravi kahn mukh mahn dhari Tatkala,
Lekar kudi paryo patala.

Shesh dev lakhi winti laai,
ravi ko mukh te diyo chhudai.

Waahan Prabhu ke saath sujana,
Jag digj gadarbh mrig swana.

Jambuk sinh aadi nakh dhari,
So phal jyotish kahat pukari.

Gaj waahan lakshmi grih aawen,
Hai te sukh sampati upjaawe.

Gadarbh haani kare wah kaja,
Gadarbh siddhkar raj samaja.

Jambuk buddhi nasht kar daare,
Mrig de kasht pran sanhare.

Jab aawahi Prabhu swan sawari,
Chori aadi hoy dar bhaari.

Tesahi chari charan yah nama,
Swarn louh chaunji aru tama.

Louh charan par jab prabhu aawen,
Dhan jan sampati nasht karawe.

Samta taamra rajat shubhkari,
Swarn sarvsukh mangal kaari.

Jo yah Shani Charitra nit gaawe,
Kabah n dasha nikrisht satawe.

Adbhut naath dikhawen lila,
Karen shatru ke nashi bali dhila.

Jo pandit suyogya bulwai,
Widhiwat Shani grah shaanti karai.

Pipal jal Shani diwas chadhawat,
Deep dan de wah sukh paawat.

Kahat Ram sundar prabhu dasa,
Shani sumirat sukh hot prakasha.

Doha


Paath Shanishchar Dev ko, ki haan bimal taiyar.
Karat path Chalis din, Ho Bhawsagar par.

Shani Chalisa Samapt.


July 03, 2019

Durga Chalisa ~ दुर्गा चालीसा | हिंदी | English | Download

Durga Chalisa | दुर्गा चालीसा मैया दुर्गा को प्रसन्न करने का एक अच्छा माध्यम है. दुर्गा चालीसा के माध्यम से भक्त जन माता दुर्गा की कृपा प्राप्ति करतें हैं.
मैया की कृपा से भक्तों का उद्धार होता है. उनके समस्त दुःख और संताप को मैया हर लेती हैं. Durga Chalisa | दुर्गा चालीसा बहुत ही शक्तिशाली मन्त्र है. इसके जाप से भक्त के अंदर एक आत्म बिस्वास का संचार होता है.
मनुष्य के अंदर से नकारत्मक भावनाओं का नाश होता है. जीवन में सकारात्मकता आती है.
माता दुर्गा की आराधना करना का दुर्गा चालीसा एक सफल माध्यम है.

Durga Chalisa

durga chalisa lyrics

दुर्गा चालीसा

नमो नमो दुर्गे सुख करनी |

नमो नमो अम्बे दुःख हरनी ||

निराकार है ज्योति तुम्हारी | 
तिहूँ लोक फैली उजियारी ||

शशि ललाट मुख महाविशाला | 
नेत्र लाल भृकुटि विकराला ||

रूप मातु को अधिक सुहावे | 
दरश करत जन अति सुख पावे ||

तुम संसार शक्ति लय कीना |
पालन हेतु अन्न धन दीना ||

अन्नपूर्णा हुई जग पाला | 
तुम ही आदि सुन्दरी बाला ||

प्रलयकाल सब नाशन हारी |
तुम गौरी शिवशंकर प्यारी ||

शिव योगी तुम्हरे गुण गावें | 
ब्रह्मा विष्णु तुम्हें नित ध्यावें ||

रूप सरस्वती को तुम धारा | 
दे सुबुद्धि ऋषि-मुनिन उबारा ||

धरा रूप नरसिंह को अम्बा | 
प्रगट भईं फाड़कर खम्बा ||

रक्षा कर प्रह्लाद बचायो | 
हिरण्याक्ष को स्वर्ग पठायो ||

लक्ष्मी रूप धरो जग माहीं | 
श्री नारायण अंग समाहीं ||

क्षीरसिन्धु में करत विलासा | 
दयासिन्धु दीजै मन आसा ||

हिंगलाज में तुम्हीं भवानी | 
महिमा अमित न जात बखानी ||

मातंगी अरु धूमावति माता | 
भुवनेश्वरी बगला सुख दाता ||

श्री भैरव तारा जग तारिणी | 
छिन्न भाल भव दुःख निवारिणी ||

केहरि वाहन सोह भवानी |
लांगुर वीर चलत अगवानी ||

कर में खप्पर-खड्ग विराजै | 
जाको देख काल डर भाजे ||

सोहै अस्त्र और त्रिशूला | 
जाते उठत शत्रु हिय शूला ||

नगर कोटि में तुम्हीं विराजत |
तिहुंलोक में डंका बाजत ||

शुम्भ निशुम्भ दानव तुम मारे | 
रक्तबीज शंखन संहारे ||

महिषासुर नृप अति अभिमानी | 
जेहि अघ भार मही अकुलानी ||

रूप कराल कालिका धारा | 
सेन सहित तुम तिहि संहारा ||

परी गाढ़ सन्तन पर जब-जब | 
भई सहाय मातु तुम तब तब ||

अमरपुरी अरु बासव लोका | 
तब महिमा सब रहें अशोका ||

ज्वाला में है ज्योति तुम्हारी | 
तुम्हें सदा पूजें नर-नारी ||

प्रेम भक्ति से जो यश गावै | 
दुःख दारिद्र निकट नहिं आवें ||

ध्यावे तुम्हें जो नर मन लाई | 
जन्म-मरण ताकौ छुटि जाई ||

जोगी सुर मुनि कहत पुकारी | 
योग न हो बिन शक्ति तुम्हारी ||

शंकर आचारज तप कीनो | 
काम अरु क्रोध जीति सब लीनो ||

निशिदिन ध्यान धरो शंकर को | 
काहु काल नहिं सुमिरो तुमको ||

शक्ति रूप को मरम न पायो | 
शक्ति गई तब मन पछितायो ||

शरणागत हुई कीर्ति बखानी | 
जय जय जय जगदम्ब भवानी ||

भई प्रसन्न आदि जगदम्बा | 
दई शक्ति नहिं कीन विलम्बा ||

मोको मातु कष्ट अति घेरो | 
तुम बिन कौन हरै दुःख मेरो ||

आशा तृष्णा निपट सतावे | 
मोह मदादिक सब विनशावै ||

शत्रु नाश कीजै महारानी | 
सुमिरौं इकचित तुम्हें भवानी ||

करो कृपा हे मातु दयाला |
ऋद्धि-सिद्धि दे करहु निहाला ||

जब लगि जियउं दया फल पाऊं | 
तुम्हरो यश मैं सदा सुनाऊं ||

दुर्गा चालीसा जो नित गावै |
सब सुख भोग परमपद पावै ||

देवीदास शरण निज जानी | 
करहु कृपा जगदम्ब भवानी ||




Durga Chalisa Lyrics

durga chalisa lyrics

Namo namo Durge sukh karni.
Namo namo ambe dukh harni.

Nirakar hai jyoti tumhari.
Tihu lok phaili ujiyari.

Shashi lalat mukh mahavishala.
Netra lal bhrikuti wikrala.

Rup maatu ko adhik suhaawe.
Darash karat jan ati sukh paawe.

Tum sansar shakti lay kina.
Paalan hetu ann dhan dina.


Annpurna hai jag pala.
Tum hi aadi sundari bala.

Pralaykal sab naashan hari.
Tum Gauri Shivshankar nyaari.

Shiv yogi tumhare gun gaawen.
Brahma vishnu tumhen nit dhyaawe.

Rup Saraswati ko tum dhara.
De subuddhi rishi-munin ubara.

Dhara rup Narsingh ko Amba.
Pragat bhai pharkar khamba.

Raksha kar prahalad bachayo.
Hiranyaksh ko swarg pathayo.

Lakshmi rup dharo jag maahi.
Shri Narayan ang samaahi.

Aur sindhu me karat wilasha.
Dayasindhu dijae man aasa.

Hinglaaj me tumhi Bhawani.
Mahima amit na jaat bakhani.

Maatangi aru Dhumawati Mata.
Bhuvneshwari Bagla sukh data.

Shri bhairav tara jag taarini.
Chinn bhal bhaw dukh niwarini.

Kehari waahan soh bhawani.
Laangur weer chalat agwaani.

Kar me khappar-kharag wiraaje.
Jaako dekh kaal dar bhaaje.

Sohe astra aur trishula.
Jaate uthat shatru hiya shula.

Nagar koti me tumhi wirajat.
Tinhlok me danka baajat.

Shumbh Nishumbh daanaw tum maare.
Rakt beej shankhan sanhaare.

Mahishashur nrip ati abhimani.
Jehi agh bhar mahi akulani.

Rup karal kaalika dhara.
Sen sahit tum tihi sanhara.


Pari gaadh santan pa jab jab.
Bhai sahay maatu tum tab tab.

Amarpuri aru waasaw loka.
tab mahima sab rahe ashoka.

Jwala me hai jyoti tumhari.
Tumhe sada puje nar-naari.

Prem bhakti se jo yash gaawe.
Dukh daaridra nikat nahi aawen.


Dhyaawe tumhe jo nar man laai.
Janm-maran taako chuti jaai.

Jogi sur muni kahat pukari.
Yog na ho bin shakti tumhari.

Shankar aacharaj tap kino.
Kam aru krodh jiti sab lino.

Nishidin dhyan dharo Shankar ko.
Kah kaal nahi sumiro tumko.

Shakti rup ko maram na paayo.
Shakti gai tab man pachitaayo.

Sharnagat hai kirti bakhani.
Jai Jai Jai Jagdamba Bhawani.

Bhai prasann aadi Jagdamba.
Dai shakti nahi kin bilamba.

Moko maatu kasht ati ghero.
Tum bin kaun hare dukh mero.

Asha trishna nipat satawe.
Moh madadik sab winshaawe.

Shatru naash kije maharani.
Sumiro ekchit tumhe Bhawani.

Karo Kripa he Maatu dayala.
Riddhi-siddhi de karah nihala.

Jab lagi jiyaun daya phal paau.
Tumharo yash mai sada sunaau.

Durga chalisa jo nit gaawe.
Sab sukh bhog parampad paawe.


Devidas sharan nij jaani.
Karah kripa Jagdamba Bhawani.

दुर्गा चालीसा के प्रकाशन में सावधानी बरती गयी है. फिर अगर कहीं कोई त्रुटी रह गयी हो तो कृपया आप निचे कमेंट बॉक्स में लिखें.
April 24, 2019

Ganesh Chalisa : श्री गणेश चालीसा : हिंदी /English

Ganesh Chalisa in Hindi and Ganesh Chalisa in English. How to chant and benefits. इस पोस्ट में पढिये गणेश चालीसा हिंदी और इंग्लिश में. साथ ही गणेश चालीसा का पाठ कैसे करें और गणेश चालीसा के लाभ.

Ganesh Chalisa

|| गणेश चालीसा ||
ganesh chalisa lyrics
Ganesh Chalisa


**दोहा**

जय गणपति सदगुण सदन, 
कविवर बदन कृपाल*

विघ्न हरण मंगल करण, 
जय जय गिरिजालाल**

**चौपाई**

जय जय जय गणपति गणराजू* 
मंगल भरण करण शुभः काजू**

जै गजबदन सदन सुखदाता* 
विश्व विनायका बुद्धि विधाता**

वक्र तुण्ड शुची शुण्ड सुहावना*
तिलक त्रिपुण्ड भाल मन भावन**

राजत मणि मुक्तन उर माला* 
स्वर्ण मुकुट शिर नयन विशाला**

पुस्तक पाणि कुठार त्रिशूलं* 
मोदक भोग सुगन्धित फूलं**

सुन्दर पीताम्बर तन साजित* 
चरण पादुका मुनि मन राजित**

धनि शिव सुवन षडानन भ्राता* 
गौरी लालन विश्व-विख्याता**

ऋद्धि-सिद्धि तव चंवर सुधारे* 
मुषक वाहन सोहत द्वारे**

कहौ जन्म शुभ कथा तुम्हारी* 
अति शुची पावन मंगलकारी**

एक समय गिरिराज कुमारी* 
पुत्र हेतु तप कीन्हा भारी**

भयो यज्ञ जब पूर्ण अनूपा* 
तब पहुंच्यो तुम धरी द्विज रूपा**

अतिथि जानी के गौरी सुखारी* 
बहुविधि सेवा करी तुम्हारी**

अति प्रसन्न हवै तुम वर दीन्हा* 
मातु पुत्र हित जो तप कीन्हा**

मिलहि पुत्र तुहि, बुद्धि विशाला* 
बिना गर्भ धारण यहि काला**

गणनायक गुण ज्ञान निधाना* 
पूजित प्रथम रूप भगवाना**

अस कही अन्तर्धान रूप हवै* 
पालना पर बालक स्वरूप हवै**

बनि शिशु रुदन जबहिं तुम ठाना* 
लखि मुख सुख नहिं गौरी समाना**

सकल मगन, सुखमंगल गावहिं* 
नाभ ते सुरन, सुमन वर्षावहिं**

शम्भु, उमा, बहुदान लुटावहिं* 
सुर मुनिजन, सुत देखन आवहिं**

लखि अति आनन्द मंगल साजा* 
देखन भी आये शनि राजा**

निज अवगुण गुनि शनि मन माहीं* 
बालक, देखन चाहत नाहीं**

गिरिजा कछु मन भेद बढायो* 
उत्सव मोर, न शनि तुही भायो**

कहत लगे शनि, मन सकुचाई* 
का करिहौ, शिशु मोहि दिखाई**

नहिं विश्वास, उमा उर भयऊ* 
शनि सों बालक देखन कहयऊ**

पदतहिं शनि दृग कोण प्रकाशा* 
बालक सिर उड़ि गयो अकाशा**

गिरिजा गिरी विकल हवै धरणी* 
सो दुःख दशा गयो नहीं वरणी**

हाहाकार मच्यौ कैलाशा* 
शनि कीन्हों लखि सुत को नाशा**

तुरत गरुड़ चढ़ि विष्णु सिधायो* 
काटी चक्र सो गज सिर लाये**

बालक के धड़ ऊपर धारयो* 
प्राण मन्त्र पढ़ि शंकर डारयो**

नाम गणेश शम्भु तब कीन्हे* 
प्रथम पूज्य बुद्धि निधि, वर दीन्हे**

बुद्धि परीक्षा जब शिव कीन्हा* 
पृथ्वी कर प्रदक्षिणा लीन्हा**

चले षडानन, भरमि भुलाई* 
रचे बैठ तुम बुद्धि उपाई**

चरण मातु-पितु के धर लीन्हें* 
तिनके सात प्रदक्षिण कीन्हें**

धनि गणेश कही शिव हिये हरषे* 
नभ ते सुरन सुमन बहु बरसे**

तुम्हरी महिमा बुद्धि बड़ाई* 
शेष सहसमुख सके न गाई**

मैं मतिहीन मलीन दुखारी* 
करहूं कौन विधि विनय तुम्हारी**

भजत रामसुन्दर प्रभुदासा* 
जग प्रयाग, ककरा, दुर्वासा**

अब प्रभु दया दीना पर कीजै* 
अपनी शक्ति भक्ति कुछ दीजै**

**दोहा**

श्री गणेशा यह चालीसा, 
पाठ करै कर ध्यान*

नित नव मंगल गृह बसै, 
लहे जगत सन्मान**

सम्बन्ध अपने सहस्त्र दश, 
ऋषि पंचमी दिनेश*

पूरण चालीसा भयो, 
मंगल मूर्ती गणेश**

Ganesh Chalisa lyrics in English

bhagwan ganesh
Ganesh chalisa lyrics in English


**doha**

jay ganapati sadagun sadan, 
kavivar badan krpaal*

vighn haran mangal karan, 
jay jay girijaalaal**

**chaupaee**

jay jay jay ganapati ganaraajoo* 
mangal bharan karan shubhah kaajoo**

jai gajabadan sadan sukhadaata* 
vishv vinaayaka buddhi vidhaata**

vakr tund shuchee shund suhaavana*
tilak tripund bhaal man bhaavan**

raajat mani muktan ur maala* 
svarn mukut shir nayan vishaala**

pustak paani kuthaar trishoolan* 
modak bhog sugandhit phoolan**

sundar peetaambar tan saajit* 
charan paaduka muni man raajit**

dhani shiv suvan shadaanan bhraata* 
gauree laalan vishv-vikhyaata**

rddhi-siddhi tav chanvar sudhaare* 
mushak vaahan sohat dvaare**

kahau janm shubh katha tumhaaree* 
ati shuchee paavan mangalakaaree**

ek samay giriraaj kumaaree* 
putr hetu tap keenha bhaaree**

bhayo yagy jab poorn anoopa* 
tab pahunchyo tum dharee dvij roopa**

atithi jaanee ke gauree sukhaaree* 
bahuvidhi seva karee tumhaaree**

ati prasann havai tum var deenha* 
maatu putr hit jo tap keenha**

milahi putr tuhi, buddhi vishaala* 
bina garbh dhaaran yahi kaala**

gananaayak gun gyaan nidhaana* 
poojit pratham roop bhagavaana**

as kahee antardhaan roop havai* 
paalana par baalak svaroop havai**

bani shishu rudan jabahin tum thaana* 
lakhi mukh sukh nahin gauree samaana**

sakal magan, sukhamangal gaavahin* 
naabh te suran, suman varshaavahin**

shambhu, uma, bahudaan lutaavahin* 
sur munijan, sut dekhan aavahin**

lakhi ati aanand mangal saaja* 
dekhan bhee aaye shani raaja**

nij avagun guni shani man maaheen* 
baalak, dekhan chaahat naaheen**

girija kachhu man bhed badhaayo* 
utsav mor, na shani tuhee bhaayo**

kahat lage shani, man sakuchaee* 
ka karihau, shishu mohi dikhaee**

nahin vishvaas, uma ur bhayoo* 
shani son baalak dekhan kahayoo**

padatahin shani drg kon prakaasha* 
baalak sir udi gayo akaasha**

girija giree vikal havai dharanee* 
so duhkh dasha gayo nahin varanee**

haahaakaar machyau kailaasha* 
shani keenhon lakhi sut ko naasha**

turat garud chadhi vishnu sidhaayo* 
kaatee chakr so gaj sir laaye**

baalak ke dhad oopar dhaarayo* 
praan mantr padhi shankar daarayo**

naam ganesh shambhu tab keenhe* 
pratham poojy buddhi nidhi, var deenhe**

buddhi pareeksha jab shiv keenha* 
prthvee kar pradakshina leenha**

chale shadaanan, bharami bhulaee* 
rache baith tum buddhi upaee**

charan maatu-pitu ke dhar leenhen* 
tinake saat pradakshin keenhen**

dhani ganesh kahee shiv hiye harashe* 
nabh te suran suman bahu barase**

tumharee mahima buddhi badaee* 
shesh sahasamukh sake na gaee**

main matiheen maleen dukhaaree* 
karahoon kaun vidhi vinay tumhaaree**

bhajat raamasundar prabhudaasa* 
jag prayaag, kakara, durvaasa**

ab prabhu daya deena par keejai* 
apanee shakti bhakti kuchh deejai**

**doha**

shree ganesha yah chaaleesa, 
paath karai kar dhyaan*

nit nav mangal grh basai, 
lahe jagat sanmaan**

sambandh apane sahastr dash, 
rshi panchamee dinesh*

pooran chaaleesa bhayo, 
mangal moortee ganesh**

गणेश चालीसा का पाठ कैसे करें

shri ganesh image
Shri Ganesh

  • गणेश चालीसा / Ganesh Chalisa का पाठ गणेश जी के भक्त किसी भी दिन कर सकतें हैं.
  • प्रातःकाल और संध्याकाल का समय भगवान गणेश की चालीसा के पाठ के लिए बहुत ही उत्तम होता है.
  • स्नान आदि करने के बाद ही गणेश चालीसा का पाठ करें.
  • गणेश जी को मोदक और लड्डू का भोग चढ़ावे.
  • धुप दीप दिखावे.
  • फूल और फूल माला अर्पण करें.
  • दुर्बा दल और बिल्वपत्र भगवान् गणेश को अर्पण करें.
  • उसके बाद गणेश चालीसा / Ganesh Chalisa का पाठ करें.

Ganesh Chalisa Benefits

  • गणेश भगवान सदा पाने भक्त पर कृपा दृष्टि रखतें हैं.
  • भगवान गणेश की कृपा से कोई भी कार्य निर्बिघ्न होता है.
  • गणेश जी की कृपा से सुख शान्ति की प्राप्ति होती है.
  • श्री गणेश की कृपा से धन सम्पति की प्राप्ति होती है.
  • जीवन में सफलता मिलती है.
  • किसी भी शुभ कार्य से पूर्व भगवान् गणेश की पूजा आराधना करने से वह काम शुभ से संपन्न होता है.
Ganesh Chalisa / गणेश चालीसा के प्रकाशन में अतिरिक्त सावधानी बरती गयी है फिर भी अगर कोई त्रुटी रह गयी हो तो कृपया आप कमेंट बॉक्स में लिखें. आप हमें ईमेल भी कर सकतें हैं.
भगवान गणेश सदा आप पर अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखे.
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April 23, 2019

Shiv Chalisa in Hindi and English with Download

Shiv Chalisa in Hindi and English with download facility.शिव चालीसा को हिंदी और इंग्लिश में प्रकाशित कर रहा हूँ. आप इसे डाउनलोड भी कर सकतें हैं.

Shiv Chalisa in Hindi

shiv chalisa lyrics
Shiv Chalisa in Hindi

|| शिव चालीसा ||

|| दोहा ||

जय गणेश गिरिजा सुवन, 
मंगल मूल सुजान |
कहत अयोध्यादास तुम, 
देहु अभय वरदान ||

|| चौपाई ||


जय गिरिजा पति दीन दयाला | 
सदा करत सन्तन प्रतिपाला ||

भाल चन्द्रमा सोहत नीके |
कानन कुण्डल नागफनी के ||

अंग गौर शिर गंग बहाये |
मुण्डमाल तन क्षार लगाए ||

वस्त्र खाल बाघम्बर सोहे |
छवि को देखि नाग मन मोहे ||

मैना मातु की हवे दुलारी |
बाम अंग सोहत छवि न्यारी ||

कर त्रिशूल सोहत छवि भारी |
करत सदा शत्रुन क्षयकारी ||

नन्दि गणेश सोहै तहँ कैसे |
सागर मध्य कमल हैं जैसे ||

कार्तिक श्याम और गणराऊ |
या छवि को कहि जात न काऊ ||

देवन जबहीं जाय पुकारा |
तब ही दुख प्रभु आप निवारा ||

किया उपद्रव तारक भारी |
देवन सब मिलि तुमहिं जुहारी ||

तुरत षडानन आप पठायउ | 
लवनिमेष महँ मारि गिरायउ ||

आप जलंधर असुर संहारा |
सुयश तुम्हार विदित संसारा ||

त्रिपुरासुर सन युद्ध मचाई |
सबहिं कृपा कर लीन बचाई ||

किया तपहिं भागीरथ भारी |
पुरब प्रतिज्ञा तासु पुरारी ||

दानिन महँ तुम सम कोउ नाहीं | 
सेवक स्तुति करत सदाहीं ||

वेद माहि महिमा तुम गाई |
अकथ अनादि भेद नहिं पाई ||

प्रकटी उदधि मंथन में ज्वाला |
जरत सुरासुर भए विहाला ||

कीन्ही दया तहं करी सहाई |
नीलकण्ठ तब नाम कहाई ||

पूजन रामचन्द्र जब कीन्हा |
जीत के लंक विभीषण दीन्हा ||

सहस कमल में हो रहे धारी |
कीन्ह परीक्षा तबहिं पुरारी ||

एक कमल प्रभु राखेउ जोई |
कमल नयन पूजन चहं सोई ||

कठिन भक्ति देखी प्रभु शंकर |
भए प्रसन्न दिए इच्छित वर ||

जय जय जय अनन्त अविनाशी | 
करत कृपा सब के घटवासी ||

दुष्ट सकल नित मोहि सतावै | 
भ्रमत रहौं मोहि चैन न आवै ||

त्राहि त्राहि मैं नाथ पुकारो |
येहि अवसर मोहि आन उबारो ||

लै त्रिशूल शत्रुन को मारो |
संकट ते मोहि आन उबारो ||

मात-पिता भ्राता सब होई |
संकट में पूछत नहिं कोई ||

स्वामी एक है आस तुम्हारी | 
आय हरहु मम संकट भारी ||

धन निर्धन को देत सदा हीं |
जो कोई जांचे सो फल पाहीं ||

अस्तुति केहि विधि करैं तुम्हारी | 
क्षमहु नाथ अब चूक हमारी ||

शंकर हो संकट के नाशन |
मंगल कारण विघ्न विनाशन ||

योगी यति मुनि ध्यान लगावैं |
शारद नारद शीश नवावैं ||

नमो नमो जय नमः शिवाय | 
सुर ब्रह्मादिक पार न पाय ||

जो यह पाठ करे मन लाई |
ता पर होत है शम्भु सहाई ||

ॠनियां जो कोई हो अधिकारी | 
पाठ करे सो पावन हारी ||

पुत्र होन कर इच्छा जोई |
निश्चय शिव प्रसाद तेहि होई ||

पण्डित त्रयोदशी को लावे |
ध्यान पूर्वक होम करावे ||

त्रयोदशी व्रत करै हमेशा |
ताके तन नहीं रहै कलेशा ||

धूप दीप नैवेद्य चढ़ावे |
शंकर सम्मुख पाठ सुनावे ||

जन्म जन्म के पाप नसावे |
अन्त धाम शिवपुर में पावे ||

कहैं अयोध्यादास आस तुम्हारी | 
जानि सकल दुःख हरहु हमारी ||

|| दोहा ||

नित्त नेम उठि प्रातः ही, 
पाठ करो चालीसा |

तुम मेरी मनोकामना, 
पूर्ण करो जगदीश ||

मगसिर छठि हेमन्त ॠतु, 
संवत चौसठ जान |

स्तुति चालीसा शिवहि, 
पूर्ण कीन कल्याण ||

Shiv Chalisa

shiv image
Shiv chalisa in English


~~ Doha ~~

Jai Ganesh girija suwan,

Mangal mool sujan.

Kahat ayodhyadas tum,
Dehu abhay wardan.

~~ Chaupai ~~

Jai girija pati din dayala.
Sada karat santan pratipala.

Bhal chandrma sohat nike.
Kanan kundal Nagphani ke.


Ang gaur Shir Gang bahaye,
Mundmal tan kshar lagaaye.

Wastra khal baghambar sohe,
Chawi ko dekhi naag man mohe.


Maina maatu ki hawe dulari,
Baam ang sohat chawi nyari.


Kar trishul sohat chawi bhaari,
Karat sada shatrun kshaykari.


Nandi Ganesh sohen tanh kaise,
Sagar madhya kamal hain jaise.


Kartik shyam aur ganrau,
Ya chawi ko kahi jaat na kaau.


Dewan jabhin jaay pukara,
Tab hi dukh prabhu aap niwara.


Kiya updrav taarak bhari,
Dewan sab mili tumhi juhaari.


Turat shadanan aap pathayu,
Lavnimesh mahn maari girayu.


Aap jalandhar asur sanhara,
Suyash tumhar widit sansara.


Tripurasur san yuddh machai,
Sabhi kripa kar lin bachai.


Kiya taphi bhagirath bhaari,
Purab pratigyna taasu puraari.


Danin mah tum sam kou naahi,
Sewak stuti karat sadahi.


Wed maahi mahima tum gaai,
Akath anaadi bhed nahin paai.


Prakti udadhi manthan me jwala,
Jarat surasur bhay wihala.


Kinhi daya tah kari sahai,
Nilkhanth tab nam kahai.


Pujan Ramchandra jab kinha,
Jeet ke lank wibhishan dinha.


Sahas kamal me ho rahe dhari,
Kinh pariksha tabhi purari.


Ek kamal prabhu rakheu joi,
Kamal nayan pujan chahn soi.


Kathin bhakti dekhi prabhu shankar,
Bhay prasann diy ichchhit war.


Jay Jay Jay anant awinashi,
Karat kripa sab ke ghatwasi.


Dusht sakal nit mohi satawe,
Bhramat rahaun mohi chain na aawen.


Trahi trahi main naath pukaro,
Yehi awsar mohi aan ubaro.


Lai trishul shatrun ko maaro,
Sankat te mohi aan ubaaro.


Mat-pita bhrata sab hoi,
Sankat me puchat nahi koi.


Swami ek hai aas tumhari,
Aay harhu mam sankat bhaari.


Dhan nirdhan ko det sada hi,
Jo koi jaanche so phal paahin.


Astuti kehi widhi kare tumhari.
Kshamahu naath ab chuk hamari.


Shankar ho sankat ke naashan.
Mangal kaaran wighn winashan.


Yogi yati muni dhyan lagawe.
Sharad naarad shish nawawe.


Namo namo jay namah Shivay.
Sur brahmadik par na paay.


Jo yah path kare man laai.
Ta par hot hai shambhu sahai.


Riniya jo koi ho adhikari.
Path kare so paawan hari.


Putra hon kar ichchha joi.
Nischay Shiv prasad tehi hoi.


Pandit tryodashi ko laawe.
Dhyan purvak hom karawe.


Tryodashi wrat kare hamesha.
Taake tan nahi rahe kalesha.


Dhup deep naiwedd chadhawe.
Shankar sammukh path sunawe.


Janm janm ke paap nasawe.
Ant dhaam Shivpur me paawe.


Kahe ayodhyadas aas tukhari.
Jaani sakal dukh harhu hamari.


~~ Doha ~~

Nit nem uthi pratah hi,
Path karo chalisa.


Tum meri manokaamna,
Purn karo jagdish.


Magsir chhathi hemant ritu.
Sanwat chausanth jaan.


Stuti chalisa Shivhi,
Purn kin kalyaan.



शिव चालीसा का पाठ कैसे करें

bholenath image
shiv bholenath

  • शिव चालीसा का पाठ आप किसी भी दिन कर सकतें हैं.
  • परन्तु सोमवार का दिन भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे उत्तम होता है.
  • इसलिए सोमवार के दिन शिव चालीसा का पाठ अवस्य करें.
  • प्रातः काल और संध्याकाल का समय शिव चालीसा के पाठ करने के लिए उत्तम होता है.
  • भगवान शिव को बिल्वपत्र और गंगाजल अति प्रिय हैं.
  • इसलिए भगवान शिव को बिल्वपत्र और गंगाजल अर्पण करें.
  • उसके पश्चात पूर्ण श्रद्धा के साथ शिव चालीसा का पाठ करें.
  • फिर भगवान् शिव की आरती करें.

Benefits of Shiv Chalisa

shiv parwati

शिव चालीसा के पाठ से भगवान शिव की कृपा की प्राप्ति होती है.
भगवान शिव औघर दानी हैं. वे अपने भक्तों की मनोकामना अवस्य पूर्ण करतें हैं.
शिव जी की कृपा से मनुष्य को शुख और शान्ति की प्राप्ति होती होती है.
निर्धन को धन की प्राप्ति भगवान् भोलेनाथ की कृपा से मिलती है.
निःसंतान को संतान की प्राप्ति शिव जी की कृपा से होती है.
जीवन में सफलता मिलती है.

Shiv chalisa in Hindi pdf download

To download Shiv chalisa in Hindi pdf please select the Shiv Chalisa in Hindi and copy it. Then save it on wordpad in pdf formate.
Another method is to download Shiv Chalisa in Hindi is select and copy the Shiv Chalisa in Hindi and save it. then convert it to pdf files with the help of online tools for pdf converter.
शिव चालीसा को हिंदी पीडीऍफ़ में डाउनलोड करने के लिए शिव चालीसा को सेलेक्ट कर कॉपी कर लें. उसके पश्चात इसे पीडीऍफ़ फ़ॉर्मेट में सेव कर लें.
दूसरा तरीका है आप शिव चालीसा के सेलेक्ट कर कॉपी कर ले फिर उसे वर्डपैड में सेव करे. फिर ऑनलाइन टूल्स के मदद से इसे पीडीऍफ़ में कन्वर्ट कर लें.
अगर आप शिव चालीसा के डाउनलोड करने का डायरेक्ट बटन चाहतें हैं तो कृपया कमेंट करें.

Shiv chalisa in English pdf Download

To download Shiv Chalisa in English pdf select the Shiv Chalisa in English and copy it. Then save it on pdf formate.
Another method is select and copy Shiv Chalisa in English and save it on wordpad. Then convert it to pdf formate by the help of online tools.

शिव चालीसा के प्रकाशन में अत्यंत सावधानी बरती गयी है फिर भी अगर कोई त्रुटी रह गयी हो तो आप कमेंट बॉक्स में लिखे. आप हमें ईमेल भी कर सकतें हैं.
shivling


भगवान भोलेनाथ शिव आप सब की मनोकामना पूर्ण करें.