hanumanchalisa hindi:hanuman chalisa,hanuman mantra

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April 24, 2019

Ganesh Chalisa : श्री गणेश चालीसा : हिंदी /English

Ganesh Chalisa in Hindi and Ganesh Chalisa in English. How to chant and benefits. इस पोस्ट में पढिये गणेश चालीसा हिंदी और इंग्लिश में. साथ ही गणेश चालीसा का पाठ कैसे करें और गणेश चालीसा के लाभ.

Ganesh Chalisa

|| गणेश चालीसा ||
ganesh chalisa lyrics
Ganesh Chalisa


**दोहा**

जय गणपति सदगुण सदन, 
कविवर बदन कृपाल*

विघ्न हरण मंगल करण, 
जय जय गिरिजालाल**

**चौपाई**

जय जय जय गणपति गणराजू* 
मंगल भरण करण शुभः काजू**

जै गजबदन सदन सुखदाता* 
विश्व विनायका बुद्धि विधाता**

वक्र तुण्ड शुची शुण्ड सुहावना*
तिलक त्रिपुण्ड भाल मन भावन**

राजत मणि मुक्तन उर माला* 
स्वर्ण मुकुट शिर नयन विशाला**

पुस्तक पाणि कुठार त्रिशूलं* 
मोदक भोग सुगन्धित फूलं**

सुन्दर पीताम्बर तन साजित* 
चरण पादुका मुनि मन राजित**

धनि शिव सुवन षडानन भ्राता* 
गौरी लालन विश्व-विख्याता**

ऋद्धि-सिद्धि तव चंवर सुधारे* 
मुषक वाहन सोहत द्वारे**

कहौ जन्म शुभ कथा तुम्हारी* 
अति शुची पावन मंगलकारी**

एक समय गिरिराज कुमारी* 
पुत्र हेतु तप कीन्हा भारी**

भयो यज्ञ जब पूर्ण अनूपा* 
तब पहुंच्यो तुम धरी द्विज रूपा**

अतिथि जानी के गौरी सुखारी* 
बहुविधि सेवा करी तुम्हारी**

अति प्रसन्न हवै तुम वर दीन्हा* 
मातु पुत्र हित जो तप कीन्हा**

मिलहि पुत्र तुहि, बुद्धि विशाला* 
बिना गर्भ धारण यहि काला**

गणनायक गुण ज्ञान निधाना* 
पूजित प्रथम रूप भगवाना**

अस कही अन्तर्धान रूप हवै* 
पालना पर बालक स्वरूप हवै**

बनि शिशु रुदन जबहिं तुम ठाना* 
लखि मुख सुख नहिं गौरी समाना**

सकल मगन, सुखमंगल गावहिं* 
नाभ ते सुरन, सुमन वर्षावहिं**

शम्भु, उमा, बहुदान लुटावहिं* 
सुर मुनिजन, सुत देखन आवहिं**

लखि अति आनन्द मंगल साजा* 
देखन भी आये शनि राजा**

निज अवगुण गुनि शनि मन माहीं* 
बालक, देखन चाहत नाहीं**

गिरिजा कछु मन भेद बढायो* 
उत्सव मोर, न शनि तुही भायो**

कहत लगे शनि, मन सकुचाई* 
का करिहौ, शिशु मोहि दिखाई**

नहिं विश्वास, उमा उर भयऊ* 
शनि सों बालक देखन कहयऊ**

पदतहिं शनि दृग कोण प्रकाशा* 
बालक सिर उड़ि गयो अकाशा**

गिरिजा गिरी विकल हवै धरणी* 
सो दुःख दशा गयो नहीं वरणी**

हाहाकार मच्यौ कैलाशा* 
शनि कीन्हों लखि सुत को नाशा**

तुरत गरुड़ चढ़ि विष्णु सिधायो* 
काटी चक्र सो गज सिर लाये**

बालक के धड़ ऊपर धारयो* 
प्राण मन्त्र पढ़ि शंकर डारयो**

नाम गणेश शम्भु तब कीन्हे* 
प्रथम पूज्य बुद्धि निधि, वर दीन्हे**

बुद्धि परीक्षा जब शिव कीन्हा* 
पृथ्वी कर प्रदक्षिणा लीन्हा**

चले षडानन, भरमि भुलाई* 
रचे बैठ तुम बुद्धि उपाई**

चरण मातु-पितु के धर लीन्हें* 
तिनके सात प्रदक्षिण कीन्हें**

धनि गणेश कही शिव हिये हरषे* 
नभ ते सुरन सुमन बहु बरसे**

तुम्हरी महिमा बुद्धि बड़ाई* 
शेष सहसमुख सके न गाई**

मैं मतिहीन मलीन दुखारी* 
करहूं कौन विधि विनय तुम्हारी**

भजत रामसुन्दर प्रभुदासा* 
जग प्रयाग, ककरा, दुर्वासा**

अब प्रभु दया दीना पर कीजै* 
अपनी शक्ति भक्ति कुछ दीजै**

**दोहा**

श्री गणेशा यह चालीसा, 
पाठ करै कर ध्यान*

नित नव मंगल गृह बसै, 
लहे जगत सन्मान**

सम्बन्ध अपने सहस्त्र दश, 
ऋषि पंचमी दिनेश*

पूरण चालीसा भयो, 
मंगल मूर्ती गणेश**

Ganesh Chalisa lyrics in English

bhagwan ganesh
Ganesh chalisa lyrics in English


**doha**

jay ganapati sadagun sadan, 
kavivar badan krpaal*

vighn haran mangal karan, 
jay jay girijaalaal**

**chaupaee**

jay jay jay ganapati ganaraajoo* 
mangal bharan karan shubhah kaajoo**

jai gajabadan sadan sukhadaata* 
vishv vinaayaka buddhi vidhaata**

vakr tund shuchee shund suhaavana*
tilak tripund bhaal man bhaavan**

raajat mani muktan ur maala* 
svarn mukut shir nayan vishaala**

pustak paani kuthaar trishoolan* 
modak bhog sugandhit phoolan**

sundar peetaambar tan saajit* 
charan paaduka muni man raajit**

dhani shiv suvan shadaanan bhraata* 
gauree laalan vishv-vikhyaata**

rddhi-siddhi tav chanvar sudhaare* 
mushak vaahan sohat dvaare**

kahau janm shubh katha tumhaaree* 
ati shuchee paavan mangalakaaree**

ek samay giriraaj kumaaree* 
putr hetu tap keenha bhaaree**

bhayo yagy jab poorn anoopa* 
tab pahunchyo tum dharee dvij roopa**

atithi jaanee ke gauree sukhaaree* 
bahuvidhi seva karee tumhaaree**

ati prasann havai tum var deenha* 
maatu putr hit jo tap keenha**

milahi putr tuhi, buddhi vishaala* 
bina garbh dhaaran yahi kaala**

gananaayak gun gyaan nidhaana* 
poojit pratham roop bhagavaana**

as kahee antardhaan roop havai* 
paalana par baalak svaroop havai**

bani shishu rudan jabahin tum thaana* 
lakhi mukh sukh nahin gauree samaana**

sakal magan, sukhamangal gaavahin* 
naabh te suran, suman varshaavahin**

shambhu, uma, bahudaan lutaavahin* 
sur munijan, sut dekhan aavahin**

lakhi ati aanand mangal saaja* 
dekhan bhee aaye shani raaja**

nij avagun guni shani man maaheen* 
baalak, dekhan chaahat naaheen**

girija kachhu man bhed badhaayo* 
utsav mor, na shani tuhee bhaayo**

kahat lage shani, man sakuchaee* 
ka karihau, shishu mohi dikhaee**

nahin vishvaas, uma ur bhayoo* 
shani son baalak dekhan kahayoo**

padatahin shani drg kon prakaasha* 
baalak sir udi gayo akaasha**

girija giree vikal havai dharanee* 
so duhkh dasha gayo nahin varanee**

haahaakaar machyau kailaasha* 
shani keenhon lakhi sut ko naasha**

turat garud chadhi vishnu sidhaayo* 
kaatee chakr so gaj sir laaye**

baalak ke dhad oopar dhaarayo* 
praan mantr padhi shankar daarayo**

naam ganesh shambhu tab keenhe* 
pratham poojy buddhi nidhi, var deenhe**

buddhi pareeksha jab shiv keenha* 
prthvee kar pradakshina leenha**

chale shadaanan, bharami bhulaee* 
rache baith tum buddhi upaee**

charan maatu-pitu ke dhar leenhen* 
tinake saat pradakshin keenhen**

dhani ganesh kahee shiv hiye harashe* 
nabh te suran suman bahu barase**

tumharee mahima buddhi badaee* 
shesh sahasamukh sake na gaee**

main matiheen maleen dukhaaree* 
karahoon kaun vidhi vinay tumhaaree**

bhajat raamasundar prabhudaasa* 
jag prayaag, kakara, durvaasa**

ab prabhu daya deena par keejai* 
apanee shakti bhakti kuchh deejai**

**doha**

shree ganesha yah chaaleesa, 
paath karai kar dhyaan*

nit nav mangal grh basai, 
lahe jagat sanmaan**

sambandh apane sahastr dash, 
rshi panchamee dinesh*

pooran chaaleesa bhayo, 
mangal moortee ganesh**

गणेश चालीसा का पाठ कैसे करें

shri ganesh image
Shri Ganesh

  • गणेश चालीसा / Ganesh Chalisa का पाठ गणेश जी के भक्त किसी भी दिन कर सकतें हैं.
  • प्रातःकाल और संध्याकाल का समय भगवान गणेश की चालीसा के पाठ के लिए बहुत ही उत्तम होता है.
  • स्नान आदि करने के बाद ही गणेश चालीसा का पाठ करें.
  • गणेश जी को मोदक और लड्डू का भोग चढ़ावे.
  • धुप दीप दिखावे.
  • फूल और फूल माला अर्पण करें.
  • दुर्बा दल और बिल्वपत्र भगवान् गणेश को अर्पण करें.
  • उसके बाद गणेश चालीसा / Ganesh Chalisa का पाठ करें.

Ganesh Chalisa Benefits

  • गणेश भगवान सदा पाने भक्त पर कृपा दृष्टि रखतें हैं.
  • भगवान गणेश की कृपा से कोई भी कार्य निर्बिघ्न होता है.
  • गणेश जी की कृपा से सुख शान्ति की प्राप्ति होती है.
  • श्री गणेश की कृपा से धन सम्पति की प्राप्ति होती है.
  • जीवन में सफलता मिलती है.
  • किसी भी शुभ कार्य से पूर्व भगवान् गणेश की पूजा आराधना करने से वह काम शुभ से संपन्न होता है.
Ganesh Chalisa / गणेश चालीसा के प्रकाशन में अतिरिक्त सावधानी बरती गयी है फिर भी अगर कोई त्रुटी रह गयी हो तो कृपया आप कमेंट बॉक्स में लिखें. आप हमें ईमेल भी कर सकतें हैं.
भगवान गणेश सदा आप पर अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखे.
जय गणपति जय गणेश
Hanuman Chalisa 
Hanuman Chalisa in Hindi
Hanuman Aarti
हनुमान जी को बुलाने वाला मंत्र
Sunderkand
April 23, 2019

Shiv Chalisa in Hindi and English with Download

Shiv Chalisa in Hindi and English with download facility.शिव चालीसा को हिंदी और इंग्लिश में प्रकाशित कर रहा हूँ. आप इसे डाउनलोड भी कर सकतें हैं.

Shiv Chalisa in Hindi

shiv chalisa lyrics
Shiv Chalisa in Hindi

|| शिव चालीसा ||

|| दोहा ||

जय गणेश गिरिजा सुवन, 
मंगल मूल सुजान |
कहत अयोध्यादास तुम, 
देहु अभय वरदान ||

|| चौपाई ||


जय गिरिजा पति दीन दयाला | 
सदा करत सन्तन प्रतिपाला ||

भाल चन्द्रमा सोहत नीके |
कानन कुण्डल नागफनी के ||

अंग गौर शिर गंग बहाये |
मुण्डमाल तन क्षार लगाए ||

वस्त्र खाल बाघम्बर सोहे |
छवि को देखि नाग मन मोहे ||

मैना मातु की हवे दुलारी |
बाम अंग सोहत छवि न्यारी ||

कर त्रिशूल सोहत छवि भारी |
करत सदा शत्रुन क्षयकारी ||

नन्दि गणेश सोहै तहँ कैसे |
सागर मध्य कमल हैं जैसे ||

कार्तिक श्याम और गणराऊ |
या छवि को कहि जात न काऊ ||

देवन जबहीं जाय पुकारा |
तब ही दुख प्रभु आप निवारा ||

किया उपद्रव तारक भारी |
देवन सब मिलि तुमहिं जुहारी ||

तुरत षडानन आप पठायउ | 
लवनिमेष महँ मारि गिरायउ ||

आप जलंधर असुर संहारा |
सुयश तुम्हार विदित संसारा ||

त्रिपुरासुर सन युद्ध मचाई |
सबहिं कृपा कर लीन बचाई ||

किया तपहिं भागीरथ भारी |
पुरब प्रतिज्ञा तासु पुरारी ||

दानिन महँ तुम सम कोउ नाहीं | 
सेवक स्तुति करत सदाहीं ||

वेद माहि महिमा तुम गाई |
अकथ अनादि भेद नहिं पाई ||

प्रकटी उदधि मंथन में ज्वाला |
जरत सुरासुर भए विहाला ||

कीन्ही दया तहं करी सहाई |
नीलकण्ठ तब नाम कहाई ||

पूजन रामचन्द्र जब कीन्हा |
जीत के लंक विभीषण दीन्हा ||

सहस कमल में हो रहे धारी |
कीन्ह परीक्षा तबहिं पुरारी ||

एक कमल प्रभु राखेउ जोई |
कमल नयन पूजन चहं सोई ||

कठिन भक्ति देखी प्रभु शंकर |
भए प्रसन्न दिए इच्छित वर ||

जय जय जय अनन्त अविनाशी | 
करत कृपा सब के घटवासी ||

दुष्ट सकल नित मोहि सतावै | 
भ्रमत रहौं मोहि चैन न आवै ||

त्राहि त्राहि मैं नाथ पुकारो |
येहि अवसर मोहि आन उबारो ||

लै त्रिशूल शत्रुन को मारो |
संकट ते मोहि आन उबारो ||

मात-पिता भ्राता सब होई |
संकट में पूछत नहिं कोई ||

स्वामी एक है आस तुम्हारी | 
आय हरहु मम संकट भारी ||

धन निर्धन को देत सदा हीं |
जो कोई जांचे सो फल पाहीं ||

अस्तुति केहि विधि करैं तुम्हारी | 
क्षमहु नाथ अब चूक हमारी ||

शंकर हो संकट के नाशन |
मंगल कारण विघ्न विनाशन ||

योगी यति मुनि ध्यान लगावैं |
शारद नारद शीश नवावैं ||

नमो नमो जय नमः शिवाय | 
सुर ब्रह्मादिक पार न पाय ||

जो यह पाठ करे मन लाई |
ता पर होत है शम्भु सहाई ||

ॠनियां जो कोई हो अधिकारी | 
पाठ करे सो पावन हारी ||

पुत्र होन कर इच्छा जोई |
निश्चय शिव प्रसाद तेहि होई ||

पण्डित त्रयोदशी को लावे |
ध्यान पूर्वक होम करावे ||

त्रयोदशी व्रत करै हमेशा |
ताके तन नहीं रहै कलेशा ||

धूप दीप नैवेद्य चढ़ावे |
शंकर सम्मुख पाठ सुनावे ||

जन्म जन्म के पाप नसावे |
अन्त धाम शिवपुर में पावे ||

कहैं अयोध्यादास आस तुम्हारी | 
जानि सकल दुःख हरहु हमारी ||

|| दोहा ||

नित्त नेम उठि प्रातः ही, 
पाठ करो चालीसा |

तुम मेरी मनोकामना, 
पूर्ण करो जगदीश ||

मगसिर छठि हेमन्त ॠतु, 
संवत चौसठ जान |

स्तुति चालीसा शिवहि, 
पूर्ण कीन कल्याण ||

Shiv Chalisa

shiv image
Shiv chalisa in English


~~ Doha ~~

Jai Ganesh girija suwan,

Mangal mool sujan.

Kahat ayodhyadas tum,
Dehu abhay wardan.

~~ Chaupai ~~

Jai girija pati din dayala.
Sada karat santan pratipala.

Bhal chandrma sohat nike.
Kanan kundal Nagphani ke.


Ang gaur Shir Gang bahaye,
Mundmal tan kshar lagaaye.

Wastra khal baghambar sohe,
Chawi ko dekhi naag man mohe.


Maina maatu ki hawe dulari,
Baam ang sohat chawi nyari.


Kar trishul sohat chawi bhaari,
Karat sada shatrun kshaykari.


Nandi Ganesh sohen tanh kaise,
Sagar madhya kamal hain jaise.


Kartik shyam aur ganrau,
Ya chawi ko kahi jaat na kaau.


Dewan jabhin jaay pukara,
Tab hi dukh prabhu aap niwara.


Kiya updrav taarak bhari,
Dewan sab mili tumhi juhaari.


Turat shadanan aap pathayu,
Lavnimesh mahn maari girayu.


Aap jalandhar asur sanhara,
Suyash tumhar widit sansara.


Tripurasur san yuddh machai,
Sabhi kripa kar lin bachai.


Kiya taphi bhagirath bhaari,
Purab pratigyna taasu puraari.


Danin mah tum sam kou naahi,
Sewak stuti karat sadahi.


Wed maahi mahima tum gaai,
Akath anaadi bhed nahin paai.


Prakti udadhi manthan me jwala,
Jarat surasur bhay wihala.


Kinhi daya tah kari sahai,
Nilkhanth tab nam kahai.


Pujan Ramchandra jab kinha,
Jeet ke lank wibhishan dinha.


Sahas kamal me ho rahe dhari,
Kinh pariksha tabhi purari.


Ek kamal prabhu rakheu joi,
Kamal nayan pujan chahn soi.


Kathin bhakti dekhi prabhu shankar,
Bhay prasann diy ichchhit war.


Jay Jay Jay anant awinashi,
Karat kripa sab ke ghatwasi.


Dusht sakal nit mohi satawe,
Bhramat rahaun mohi chain na aawen.


Trahi trahi main naath pukaro,
Yehi awsar mohi aan ubaro.


Lai trishul shatrun ko maaro,
Sankat te mohi aan ubaaro.


Mat-pita bhrata sab hoi,
Sankat me puchat nahi koi.


Swami ek hai aas tumhari,
Aay harhu mam sankat bhaari.


Dhan nirdhan ko det sada hi,
Jo koi jaanche so phal paahin.


Astuti kehi widhi kare tumhari.
Kshamahu naath ab chuk hamari.


Shankar ho sankat ke naashan.
Mangal kaaran wighn winashan.


Yogi yati muni dhyan lagawe.
Sharad naarad shish nawawe.


Namo namo jay namah Shivay.
Sur brahmadik par na paay.


Jo yah path kare man laai.
Ta par hot hai shambhu sahai.


Riniya jo koi ho adhikari.
Path kare so paawan hari.


Putra hon kar ichchha joi.
Nischay Shiv prasad tehi hoi.


Pandit tryodashi ko laawe.
Dhyan purvak hom karawe.


Tryodashi wrat kare hamesha.
Taake tan nahi rahe kalesha.


Dhup deep naiwedd chadhawe.
Shankar sammukh path sunawe.


Janm janm ke paap nasawe.
Ant dhaam Shivpur me paawe.


Kahe ayodhyadas aas tukhari.
Jaani sakal dukh harhu hamari.


~~ Doha ~~

Nit nem uthi pratah hi,
Path karo chalisa.


Tum meri manokaamna,
Purn karo jagdish.


Magsir chhathi hemant ritu.
Sanwat chausanth jaan.


Stuti chalisa Shivhi,
Purn kin kalyaan.



शिव चालीसा का पाठ कैसे करें

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shiv bholenath

  • शिव चालीसा का पाठ आप किसी भी दिन कर सकतें हैं.
  • परन्तु सोमवार का दिन भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे उत्तम होता है.
  • इसलिए सोमवार के दिन शिव चालीसा का पाठ अवस्य करें.
  • प्रातः काल और संध्याकाल का समय शिव चालीसा के पाठ करने के लिए उत्तम होता है.
  • भगवान शिव को बिल्वपत्र और गंगाजल अति प्रिय हैं.
  • इसलिए भगवान शिव को बिल्वपत्र और गंगाजल अर्पण करें.
  • उसके पश्चात पूर्ण श्रद्धा के साथ शिव चालीसा का पाठ करें.
  • फिर भगवान् शिव की आरती करें.

Benefits of Shiv Chalisa

shiv parwati

शिव चालीसा के पाठ से भगवान शिव की कृपा की प्राप्ति होती है.
भगवान शिव औघर दानी हैं. वे अपने भक्तों की मनोकामना अवस्य पूर्ण करतें हैं.
शिव जी की कृपा से मनुष्य को शुख और शान्ति की प्राप्ति होती होती है.
निर्धन को धन की प्राप्ति भगवान् भोलेनाथ की कृपा से मिलती है.
निःसंतान को संतान की प्राप्ति शिव जी की कृपा से होती है.
जीवन में सफलता मिलती है.

Shiv chalisa in Hindi pdf download

To download Shiv chalisa in Hindi pdf please select the Shiv Chalisa in Hindi and copy it. Then save it on wordpad in pdf formate.
Another method is to download Shiv Chalisa in Hindi is select and copy the Shiv Chalisa in Hindi and save it. then convert it to pdf files with the help of online tools for pdf converter.
शिव चालीसा को हिंदी पीडीऍफ़ में डाउनलोड करने के लिए शिव चालीसा को सेलेक्ट कर कॉपी कर लें. उसके पश्चात इसे पीडीऍफ़ फ़ॉर्मेट में सेव कर लें.
दूसरा तरीका है आप शिव चालीसा के सेलेक्ट कर कॉपी कर ले फिर उसे वर्डपैड में सेव करे. फिर ऑनलाइन टूल्स के मदद से इसे पीडीऍफ़ में कन्वर्ट कर लें.
अगर आप शिव चालीसा के डाउनलोड करने का डायरेक्ट बटन चाहतें हैं तो कृपया कमेंट करें.

Shiv chalisa in English pdf Download

To download Shiv Chalisa in English pdf select the Shiv Chalisa in English and copy it. Then save it on pdf formate.
Another method is select and copy Shiv Chalisa in English and save it on wordpad. Then convert it to pdf formate by the help of online tools.

शिव चालीसा के प्रकाशन में अत्यंत सावधानी बरती गयी है फिर भी अगर कोई त्रुटी रह गयी हो तो आप कमेंट बॉक्स में लिखे. आप हमें ईमेल भी कर सकतें हैं.
shivling


भगवान भोलेनाथ शिव आप सब की मनोकामना पूर्ण करें.

February 23, 2019

Hanuman Chalisa ke Totke : हनुमान चालीसा के चमत्कारी टोटके

Hanuman Chalisa ke Totke

इस आर्टिकल में पढिये हनुमान चालीसा के सफल चमत्कारी टोटके( Hanuman Chalisa ke Totke) जिनसे हनुमान जी प्रसन्न होकर आपके सभी संकटों से मुक्त करेंगे और आपको मनचाहा फल प्रदान करेंगे.
Hanuman Chalisa ke Totke, हनुमान चालीसा के टोटके
Hanuman Chalisa ke Totke

हनुमान चालीसा के टोटके

हनुमान जी इस कलयुग में मनुष्य के लिए बहुत ही सहारा प्रदान करतें हैं. हनुमान जी भगवान् शिव के ग्याहरवें रूद्र अवतार हैं. वे पवनपुत्र हैं. हनुमान जी अत्यंत शीघ्र प्रसन्न होने वाले देवता हैं.
हनुमान जी अजर अमर हैं. हनुमान जी का अपने भक्तों को यह वचन है की जब-जब उनका भक्त उनको सच्चे दिल से पुकारेगा वे उस भक्त के पुकार पर अवस्य आयेंगे.
हनुमान जी अपने सूक्ष्म रूप में इस धरा पर निरंतर विचरण करतें रहतें हैं. जहाँ-जहाँ भगवान् राम का स्मरण होता है वहाँ-वहाँ वे अवस्य आतें हैं.
हनुमान चालीसा हनुमान जी को प्रसन्न करने का एक सफल माध्यम है. हनुमान चालीसा इस कलयुग में मनुष्य का एक बहुत बड़ा सहारा है. हनुमान चालीसा के पाठ से ही मनुष्य के समस्त भय का निवारण हो जाता है.
इस आर्टिकल में मैं आप लोगों हनुमान चालीसा से जुड़ी कुछ टोटके और उपाय/Hanuman Chalisa ke Totke बताने जा रहा हूँ जीको करने से आप लोग अवस्य शुभ फल प्राप्त करेंगे.
हनुमान चालीसा के इन टोटके और उपाय करने से पूर्व मैं आप लोगों से यह विनती करूँगा की आप लोग हनुमान जी पर पूर्ण श्रद्धा और बिस्वास बनाएं रखें. अपने ह्रदय को निर्मल बनाए रखें. कर्म करें और भाग्य के भरोसे मत बैठे रहें. कहतें हैं की भाग्य भी उन्ही लोगों का साथ देता है जो अपना कर्म करतें हैं.
और एक बात जो मैं आप लोगों से कहना चाहता हूँ की ये हनुमान चालीसा के टोटके मैं आप लोगों को बताने जा रहा हूँ इन्हें हनुमान जी पर पूर्ण श्रद्धा और बिस्वास के साथ करें.

Hanuman Chalisa ke Totke in Hindi

हनुमान चालीसा के टोटके हिंदी में

  1. मंगलवार के दिन प्रातः स्नान आदि करके खुद को पवित्र कर लें.
  2. मन को शांत और विकारों से दूर रखें.
  3. अपने ह्रदय में हनुमान जी के प्रति अगाध श्रद्धा और बिस्वास बनाए रखें.
  4. तिल के तेल में सिंदूर मिलाकर एक मिश्रण तैयार करें.
  5. फिर इस सिंदूर मिश्रित तिल के तेल को हनुमान जी की प्रतिमा के चरणों से शुरू करते हुए सम्पूर्ण शरीर में लगायें.
  6. उसके पश्चात एक नारियल में सिंदूर से स्वास्तिक बनाकर हनुमान जी को चढ़ाएं.
  7. 11 पीपल के पत्तों पर सिंदूर से श्रीराम लिखकर हनुमानजी को चढ़ायें.
  8. हनुमान जी को बनारशी पान का भोग लगायें.
  9. उसके पश्चात हनुमान जी को लड्डू का भोग लगायें.
  10. तत्पश्चात 7 बार हनुमान चालीसा का पाठ करें.
  11. उसके बाद हनुमान जी की आरती करें.
  12. फिर प्रसाद का वितरण करें.

Hanuman Chalisa ke Totke (other)

हनुमान चालीसा के अन्य टोटके

  1. मंगलवार और शनिवार को कम-से-कम 7 बार हनुमान चालीसा का पाठ करें.
  2. किसी हनुमान मंदिर में जाकर मंगलवार और शनिवार को 7 या 11 बार हनुमान चालीसा का सम्पूर्ण बिस्वास के साथ पाठ करें.
  3. रात को सोते समय हनुमान जी की प्रतिमा या तस्वीर के सामने खड़े होकर हनुमान चालीसा का पाठ करें.
  4. नवरात्री के दिनों में रोजाना 1,5,7,9या 11 बार हनुमान चालीसा का पाठ करें.
  5. हनुमान जयंती और राम नवमी के दिन हनुमान मंदिर में जाकर 7 या 11 बार हनुमान चालीसा का पाठ करें.
  6. किसी भी शुभ कार्य के लिए निकलने से पूर्व सम्पूर्ण हनुमान चालीसा या फिर उसके कुछ पंक्तियों का जाप करें.
  7. परीक्षा देने जाते समय हनुमान चालीसा का पाठ अवस्य करें इससे आत्मबिस्वास में बृद्धि होती है और परीक्षा का भय मन से चला जाता है.

हनुमान चालीसा के टोटके से लाभ


हनुमान चालीसा के इन टोटके को करने से हनुमान जी प्रसन्न होते हैं. इन टोटके को करते समय मन में हनुमान जी के प्रती सम्पूर्ण श्रद्धा और बिस्वास बनाए रखें.
हनुमान जी अपने भक्त के समस्त भय का नाश करते हैं. अगर मन में किसी बात का भय हो तो हनुमान चालीसा के इन टोटके को अवस्य आजमाना चाहिए.
नकारात्मक शक्तियों से बचाव के लिए हनुमान चालीसा के टोटके अत्यंत प्रभावशाली सिद्ध होतें हैं.
हनुमान चालीसा के टोटके के फलस्वरूप धन-सम्पति में बृद्धि होती है.
हनुमान चालीसा के टोटके से आत्मबिस्वास में बृद्धि होती है.
हनुमान चालीसा के टोटके से रोगों से मुक्ति मिलती है.
और पढ़ें

February 21, 2019

Panchmukhi Hanuman Yantra पंचमुखी हनुमान यंत्र

Panchmukhi Hanuman Yantra

पंचमुखी हनुमान यन्त्र  अत्यंत ही शक्तिशाली और प्रभावी यन्त्र है. पंचमुखी हनुमान यन्त्र के प्रभाव से मनुष्य के समस्त भय का नाश हो जाता है. पंचमुखी हनुमान यन्त्र के प्रभाव से हनुमान जी अपने भक्त के ऊपर आने वाले सभी संकटों से रक्षा करतें हैं.
Panchmukhi Hanuman Yantra
Panchmukhi Hanuman Yantra

पंचमुखी हनुमान यन्त्र को किसी बिस्वस्नीय संस्थान से ही ले. पंचमुखी हनुमान यन्त्र को धारण करने के पूर्व पंचमुखी हनुमान यन्त्र को सिद्ध कर लेना चाहिए.
आप पंचमुखी हनुमान यन्त्र को धारण कर सकतें हैं. आप पंचमुखी हनुमान यन्त्र को अपने पूजा घर में भी स्थापित कर सकतें हैं.
पंचमुखी हनुमान यन्त्र को हो सके तो रोजाना पूजन अवस्य करें. अगर रोजाना पूजन अर्ना संभव नहीं हो तो मंगलवार के दिन पंचमुखी हनुमान कवच को अवस्य पूजन करें.

Panchmukhi Hanuman Kavach Yantra

पंचमुखी हनुमान कवच यन्त्र काफी शक्तिशाली और प्रभावी होता है. इस पंचमुखी हनुमान कवच यन्त्र में साक्षात् हनुमान जी का आशीर्वाद होता है.
पंचमुखी हनुमान कवच यन्त्र को आप पंचमुखी हनुमान मन्त्र से सिद्ध कर सकतें हैं. पंचमुखी हनुमान कवच मंत्र के लिए आप निचे दिए गए लिंक पर जाकर देख सकतें हैं.

Shri Panchmukhi Hanuman Yantra

श्री पंचमुखी हनुमान यन्त्र हनुमान जी की कृपा और आशीर्वाद प्राप्ति का एक अत्यंत सरल माध्यम है. श्री पंचमुखी हनुमान यन्त्र को आप धारण भी कर सकतें हैं या फिर पूजा घर में स्थापित भी कर सकतें हैं. श्री पंचमुखी हनुमान यन्त्र के प्रभाव से मनुष्य के समस्त भय का निवारण हो जाता है. संकतो का सामना करने का आत्मबिस्वास आता है.
श्री पंचमुखी हनुमान यन्त्र के प्रभाव से व्यक्ति के जीवन में शुख शान्ति आती है.

Panchmukhi Hanuman Yantra Benefits

पंचमुखी हनुमान यन्त्र से हनुमान जी की कृपा प्राप्ति होती है. पंचमुखी हनुमान यन्त्र को सिद्ध करने के बाद ही धारण करना चाहिए. पंचमुखी हनुमान यन्त्र को गले में या फिर दाहिने बांह में धारण किया जा सकता है.
पंचमुखी हनुमान यन्त्र के प्रभाव से व्यक्ति के समस्त भय का नाश होता है.
पंचमुखी हनुमान यन्त्र के प्रभाव से अकारण लगने वाले भय से मुक्ति मिलती है.
पंचमुखी हनुमान यन्त्र के प्रभाव से व्यक्ति के आत्मबिस्वास में बृद्धि होती है.
पंचमुखी हनुमान यन्त्र के प्रभाव से व्यक्ति का रोगों से बचाव होता है.
पंचमुखी हनुमान यन्त्र के प्रभाव से नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है.
पंचमुखी हनुमान यन्त्र के प्रभाव से सकारात्मक उर्जा का प्रवाह होता है.
पंचमुखी हनुमान यन्त्र के प्रभाव से हनुमान जी अपने भक्त की संकटों से रक्षा करतें हैं.
पंचमुखी हनुमान यन्त्र के प्रभाव से व्यक्ति के जीवन में खुशियाँ सदा बनी रहती है.

Panchmukhi Hanuman Yantra Locket

पंचमुखी हनुमान यन्त्र लॉकेट को किसी बिस्वास्प्राप्त संस्थान से ही खरीदना चाहिए. उसके बाद इसे सिद्ध करना चाहिए. बहुत से संस्थान इसे सिद्ध करने के बाद ही देते हैं.
पंचमुखी हनुमान यन्त्र लॉकेट को मंगलवार को पंचमुखी हनुमान कवच मंत्र से सिद्ध करके धारण करें.
आप चाहें तो निचे दिए गए लिंक से भी पंचमुखी हनुमान लॉकेट खरीद सकतें हैं.


Panchmukhi Hanuman Yantra Image

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Panchmukhi Hanuman Yantra

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Panchmukhi Hanuman Yantra

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Panchmukhi Hanuman Yantra
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February 04, 2019

Hanuman Yantra : हनुमान यन्त्र से पायें समस्त कष्टों और रोगों से छुटकारा

Hanuman Yantra

Hanuman Yantra,How to worship Hanuman Yantra and Hanuman Yantra Benefits. हनुमान यन्त्र, हनुमान यन्त्र की आराधना कैसे करें और हनुमान यन्त्र से लाभ.

हनुमान यन्त्र


हनुमान यन्त्र
Hanuman Yantra हनुमान यन्त्र

हनुमान यन्त्र हनुमान जी की आराधना करने का एक शक्तिशाली माध्यम है. हनुमान यन्त्र में हनुमान देवता का वास होता है. अगर सिद्ध हनुमान यन्त्र की आराधना कोई भक्त करता है तो भगवान् हनुमान उसके समस्त कष्टों और रोगों का नाश करतें हैं.
हनुमान यन्त्र की आराधना और दैनिक पूजन से हनुमान जी अपने भक्त की सभी संकटों से रक्षा करतें हैं. हनुमान यन्त्र की आराधना से हनुमान भक्त क घर में सकारात्मक उर्जा हमेशा प्रवाहित होती है. सुख शान्ति रहती है. धन-सम्पति की बृद्धि होती है.
Hanuman Yantra is a powerful medium for worshiping Lord Hanuman. In Hanuman Yantra, there is the abode of Lord Hanuman. If any devotee worshiped the Hanuman Yantra, then Lord Hanuman destroys all his troubles and diseases.
With the worship of Hanuman Yantra Hanuman ji protects his devotee from all problems and ailments. By the worship of Hanuman Yantra there is a positive atmosphere around the house of Lord Hanuman devotee. There are increase of wealth and happiness in Hanuman devotee life.

Hanuman Yantra हनुमान यन्त्र को कैसे सिद्ध किया जा सकता है?

हनुमान यन्त्र
हनुमान यन्त्र

हनुमान यन्त्र को किसी अच्छे जगह से खरीदना चाहिये. उसके बाद किसी पंडित से उस हनुमान यन्त्र को सिद्ध करवा लेना चाहिये. सिद्ध किया हुआ हनुमान यन्त्र भी आप खरीद सकतें हैं.
आप अपने घर में भी हनुमान यन्त्र को सिद्ध कर सकतें हैं. हनुमान यन्त्र को सिद्ध करने के लिए आप किसी पंडित से जानकारी ले सकतें हैं. यहाँ मैं आप लोगों को हनुमान यन्त्र को सिद्ध करने की विधि बताने जा रहा हूँ.
The Hanuman Yantra should be purchased from a good place. After that a pundit should prove that Hanuman Yantra. You can also buy a proven Hanuman Yantra.
You can prove the Hanuman Yantra in your house too. You can get information from a pundit to prove the Hanuman Yantra. Here I am going to tell you the method of proving the Hanuman Yantra.

  • सबसे पहले आप स्नान करके खुद को स्वच्छ कर लें.
  • उसके पश्चात हनुमान यन्त्र को किसी लाल आसन पर स्थापित करें.
  • हनुमान यन्त्र की लाल पुष्प, अक्षत और सिंदूर से पूजा करें.
  • एक घी का दीपक हनुमान यन्त्र के आगे जलाएं.
  • धुप अगरबती जलायें.
  • उसके पश्चात हनुमान जी को स्मरण करते हुए निम्न लिखित मन्त्र का 5000 बार पाठ करें.
  • मन्त्र है : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् |
  • उसके बाद दुसरे दिन हनुमान हवन करें.
  • हनुमान हवन की बिधि आपको हमारे websites में मिल जायेगी. हनुमान हवन करने का लिंक मैं निचे दे दूंगा.
  • हनुमान हवन में 108 बार हनुमान जी के नाम का हवन करें.
  • उसके पश्चात् उपरोक्त मन्त्र का 500 बार जाप करते हुए हवन करें.
  • हवन के समय हनुमान यन्त्र को हवन के समीप लाल आसन पर स्थापित करें.
  • इसके बाद हनुमान जी की आरती करें.
  • इस तरह से हनुमान यन्त्र आप सिद्ध कर सकतें हैं.
  • आप अपने पंडित से इस बारे में परामर्श कर लें.
हनुमान यन्त्र को सिद्ध करने के पश्चात हनुमान यन्त्र को अपने पूजा घर में किसी लाल आसन पर स्थापित कर रखें. हनुमान यन्त्र की रोजाना पूजा करें. मंगलवार को हनुमान यन्त्र को लड्डू का भोग लगाएं.

हनुमान यन्त्र की पूजा कैसे करें?


हनुमान यन्त्र
हनुमान यन्त्र

How to Worship Hanuman Yantra?

आप हनुमान यन्त्र की रोजाना पूजा करें.
सबसे पहले स्नान करके हनुमान यन्त्र को किसी लाल आसन पर स्थापित करें.
घी या सरसों तेल का दीपक जलायें.
धुप अगरबती जलायें.
लाल फूल, अक्षत, चन्दन आदि चढ़ायें.
उसके पश्चात निचे दिए गए मन्त्र का जाप करें.
मंत्र है: मनोजवं मारुत-तुल्य-वेगं
           जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम् |
         वातात्मजं वानरयूथमुख्यं
         श्रीरामदूतं शरणम् प्रपद्धे ||
उसके पश्चात हनुमान यन्त्र को नैवेद्द चढायें.
हो सके तो मंगलवार को हनुमान यन्त्र को लड्डू का भोग लगायें.
आप चना-गुड़ का भी भोग लगा सकतें हैं.
उसके पश्चात हनुमान आरती करें.

Hanuman Yantra Benefits

हनुमान यन्त्र
जय हनुमान

हनुमान यन्त्र से लाभ

सिद्ध हनुमान यन्त्र में हनुमान जी विराजतें हैं. हनुमान यन्त्र की नियमित पूजा आराधना से हनुमान जी शीघ्र प्रसन्न होतें हैं. 
  • हनुमान यन्त्र की आराधना और पूजा से हनुमान जी अपने भक्त की सभी संकटों से रक्षा करतें हैं.
  • हनुमान यन्त्र की आराधना से चारों ओर सकारात्मक उर्जा का प्रवाह होता है.
  • हनुमान यन्त्र की आराधना से नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है.
  • हनुमान यन्त्र की आराधना से हनुमान जी अपने भक्त के सभी रोगों का नाश कर देतें हैं.
  • हनुमान यन्त्र की आराधना  से घर में शुख-शान्ति आती है.
  • हनुमान यन्त्र की आराधना से धन-सम्पति में बृद्धि होती है.
  • हनुमान यन्त्र के आराधना से सभी तरह के भय का नाश होता है.
  • हनुमान यन्त्र की आराधना और पूजा से हनुमान जी अपने भक्त की सभी तरह की नकारात्मक शक्तियों से रक्षा करतें हैं.
  • हनुमान यन्त्र की आराधना से शारीरिक बल और आत्म बिस्वास में बृद्धि होती है.



February 03, 2019

Ek Shloki Ramayan : एक श्लोकी रामायण जिसके पाठ से सम्पूर्ण रामायण पाठ का फल प्राप्त होता है

Ek Shloki Ramayan

एक श्लोकी रामायण हिंदी, संस्कृत और इंग्लिश में अर्थ के साथ. एक श्लोकी रामायण पीडीऍफ़ डाउनलोड फैसिलिटी के साथ.
Ek Shloki Ramayan in Hindi
Ek Shloki Ramayan

Ek Shloki Ramayan with meaning in Hindi, Sanskrit and English. With Ek Shloki Ramayana pdf download facility.

Ek Shloki Ramayana


Ek Shloki Ramayan in Hindi
Ek Shloki Ramayan

The text of Ramayana is very useful for humans. In this Kali-yug, the name Ram is the only person's redeemer. Humans should read the Ramayana. But today man is so busy that he can not read the entire Ramayana.
For those people who are unable to read the entire Ramayana due to lack of time or any other reason, they can recite this Ek Shloki Ramayana.
In this one Shloki Ramayana, the essence of the entire Ramayana is hidden. Through the text of Ek Shloki Ramayana, the complete realization of the entire text of the Ramayana is attained.

एक श्लोकी रामायण

एक श्लोकी रामायण
एक श्लोकी रामायण

रामायण का पाठ मनुष्य के लिए अत्यंत ही लाभ प्रद है. इस कलयुग में राम नाम हीं मनुष्य का उद्धारक है. रामायण का पाठ मनुष्य को अवस्य करना चाहिये. लेकिन आज मनुष्य इतना व्यस्त है की वो सम्पूर्ण रामायण का पाठ नहीं कर सकता है.
उनलोगों के लिए जो समय के अभाव या फिर किसी अन्य कारण से सम्पूर्ण रामायण का पाठ नहीं कर पा रहें हैं वे इस एक श्लोकी रामायण का पाठ कर सकतें हैं.
इस एक श्लोकी रामायण में पुरे सम्पूर्ण रामायण का सार छिपा हुआ है. एक श्लोकी रामायण के पाठ से सम्पूर्ण रामायण के पाठ के बराबर पूण्य की प्राप्ति होती है.
एक श्लोकी रामायण के पाठ से मनुष्य का उद्धार हो जाता है.

Ek Shloki Ramayan in Sanskrit

ek shloki ramayan in sanskrit
Ek Shloki Ramayan

एक श्लोकी रामायण संस्कृत में

आदौ रामतपोवनादिगमनं हत्वा मृगं कांचनं
वैदेहीहरणं जटायुमरणं सुग्रीवसंभाषणम् ।
वालीनिर्दलनं समुद्रतरणं लंकापुरीदाहनं
पश्चाद्रावणकुंभकर्णहननमेतद्धि रामायणम् ॥
॥ एकश्लोकि रामायणं सम्पूर्णम् ॥

Ek Shloki Ramayan Lyrics

एक श्लोकी रामायण लिरिक्स

Ādau rāmatapōvanādigamanaṁ hatvā mr̥gaṁ kān̄canaṁ
vaidēhīharaṇaṁ jaṭāyumaraṇaṁ sugrīvasambhāṣaṇam.
Bālīnirdalanaṁ samudrataraṇaṁ laṅkāpurīdāhanaṁ
paścādrāvaṇakumbhakarṇahananamētad'dhi rāmāyaṇam.
. Ēkaślōki rāmāyaṇaṁ sampūrṇam.

Ek Shloki Ramayan in Hindi

Ek Shloki Ramayan in Hindi
Ek Shloki Ramayan

एक श्लोकी रामायण हिंदी अर्थ

 एक बार श्री राम वनवास में गए |  वहां उन्होंने स्वर्ण मृग का पीछा किया और उसका वध किया | इसी दौरान उनकी पत्नी वैदेही यानि सीता जी का रावण द्वारा हरण किया गया | उनकी रक्षा करते हुए पक्षिराज जटायु ने अपने प्राण गवाएं | श्रीराम की मित्रता सुग्रीव से हुई | उन्होंने उसके दुष्ट भाई बालि का वध किया | समुद्र पर पुल बनाकर पार किया | लंकापुरी का दहन हुआ | इसके पश्चात् रावण और कुम्भकरण का वध हुआ | यही पूरी रामायण की संक्षिप्त कहानी है |

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एक श्लोकी रामायण पीडीऍफ़ डाउनलोड

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हनुमान जी को बुलाने का सिद्ध मन्त्र
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