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Hanuman Chalisa Hindi pdf Download

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Hanuman Chalisa | हनुमान चालीसा
हनुमान जी के सभी मन्त्रों और श्लोकों में हनुमान चालीसा को सर्वश्रेष्ठ माना गया है. हनुमान जी राम जी के अनन्य भक्त हैं. ऐसी मान्यता है की हनुमान जी अमर हैं. हनुमान जी अपने सूक्ष्म रूप में सदा विचरण करतें रहतें हैं.

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Hanuman ji


हनुमान जी सदा अपने भक्तो पर कृपा दृष्टि बनाए रखतें हैं. हनुमान जी को कई नामों से उनके भक्त पुकारतें हैं. उनके कुछ नाम हैं बजरंगबली, पवनपुत्र, अंजनीपुत्र, वायुपुत्र आदि .
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How to chant Hanuman Chalisa in hindi

हनुमान चालीसा का पाठ कैसे करें?

हनुमान चालीसा का पाठ हमेशा शुद्ध मन से करना चाहिए. हनुमान चालीसा का पाठ आप कभी भी कर सकतें हैं. अगर आप प्रातः काल और संध्या काल को हनुमान चालीसा का पाठ करतें हैं तो यह अत्यंत शुभ फलदायक होता है.
हनुमान चालीसा का पाठ आप अपने घर के पूजा गृह में या किसी हनुमान जी के मंदिर में कर सकतें हैं. हनुमान जी के मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठ करने से यह अत्यंत शुभ होता है.
हनुमान जी को मंगलवार अति पसंद है. मंगलवार को हनुमान जी का दिवस माना गया है. अगर आप मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ करतें हैं तो आपको इसका अत्यंत शुभ फल प्राप्त होगा.
सनिवार को भी आप हनुमान चालीसा का पाठ कर सकतें हैं. सनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ जो भक्त करतें हैं उन पर सनी की साढ़े साती का असर नहीं पड़ता है.
हनुमान चालीसा को 7 वार पाठ करने से यह अत्यंत फलदायक होता है. आप एक पांच या सात बार हनुमान चालीसा का पाठ कर सकतें हैं.
हनुमान चालीसा का पाठ करते समय सदा हनुमान जी पर अत्यंत श्रद्धा और विस्वास बनाए रखना चाहिए.

Hanuman Chalisa


Hanuman Chalisa Lyrics

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दोहा :
श्रीगुरु चरण सरोज रज,निज मनु मुकुर सुधारि |
बरनऊ रघुवीर विमल जसु जो दायकु फल चार  ||
बुद्धिहीन तनु जानिके,       सुमिरौ पवन-कुमार  |
बल बुद्धि विद्धा देहु मोहि,     हरहु कलेस विकार  ||

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चौपाई 


जय हनुमान ज्ञान गुण सागर    *   जय कपीस तिहुँ लोक उजागर   *
राम दूत अतुलित  बल  धामा    *   अंजनि  पुत्र   पवनसुत   नामा   *
महाबीर     विक्रम     बजरंगी    *   कुमति निवार सुमति के  संगी   *
कंचन   बरन   विराज  सुबेसा    *   कानन   कुॅडल   कुँचित   केसा   *
हाथ  बज्र  औं  ध्वजा  बिराजै    *   कांधे     मुॅज     जनेऊ     साजे   *
संकर   सुबन   केसरी   नंदन    *    तेज   प्रताप   महा   जग  बंदन  *
विद्धावान  गुनी  अति  चातुर    *    राम   काज   करिबे  को  आतुर  *
प्रभु चरित्र सुनिबे को  रसिया    *    राम लखन सीता  मन  बसिया  *
सूक्ष्म रूप धरि सियहि दिखावा *    विकट  रूप   धरि  लंक  जरावा  *
भीम रूप  धरि  असुर  संहारे     *    रामचन्द्र    के     काज    सँवारे  *
लाय संजीवन लखन जियाये    *    श्रीरघुवीर    हरषि    उर     लाये  *
रघुपति  कीन्ही  बहुत  बड़ाई    *    तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई  *
सहस बदन तुम्हरो जस गावे    *    अस  कहि  श्रीपति  कंठ  लगावे  *
सनकादिक ब्रह्मादि मुनिसा    *    नारद    सारद   सहित   अहिसा  *
यम कुवेर  दिगपाल  जहां ते     *   कबि कोबिद कहि  सके  कहां  ते  *
तुम उपकार  सुग्रीव  कीन्हा      *   राम    मिलाय   राजपद   दीन्हा  *
तुम्हरो मन्त्र विभीषण माना    *    लंकेश्वर   भए  सब  जग  जाना  *
युग सहस्त्र जोजन पर भानु     *    लील्यो  ताहि  मधुर  फल  जानु  *
प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं     *    जलधि लांघ गए अचरज  नाहीं  *
दुर्गम काज  जगत  के  जेते     *    सुगम    अनुग्रह    तुम्हरे    तेते  *
राम   दुआरे   तुम   रखवारे     *    होत    न   आज्ञा    बिनु    पैसारे  *
सब सुख लहै तुम्हारी सरना    *    तुम    रक्षक   काहू    को   डरना  *
आपन   तेज  सम्हारो  आपै    *    तीनों      लोक      हांकते     कांपै  *
भूत पिशाच निकट नहीं आबै  *    महाबीर     जब     नाम     सुनाबै  *
नासै  रोग   हरै   सब   पीरा    *     जपत    निरंतर    हनुमत    बीरा  *
संकट   ते  हनुमान   छुडावै    *     मन क्रम  वचन ध्यान  जो  लावै  *
सब पर राम  तपस्वी  राजा    *     तिनके काज  सकल  तुम  साजा  *
और मनोरथ जो कोई लावे     *     सोई   अमित  जीवन  फल  पावे  *
चारो जुग परताप  तुम्हारा     *     है    परसिद्ध    जगत   उजियारा  *
साधु संत के  तुम  रखवारे     *     असुर     निकंदन    राम    दुलारे  *
अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता *    अस  वर   दीन्ह   जानकी   माता  *
राम रसायन तुम्हारे पासा     *     सदा    रहौ    रघुपति   के   दासा  *
तुम्हरे भजन राम को पावै     *    जनम   जनम   के  दुख  बिसराबै  *
अंत काल रघुवर पुर जाई      *    जहाँ  जनम   हरि   भक्त   कहाई  *
और देवता चित न  धरई      *     हनुमत    सेइ   सर्व   सुख   करई  *
संकट हटै मिटै सब पीरा       *     जो    सुमरै     हनुमत    बलबीरा  *
जै जै जै हनुमान गोसाई       *     कृपा   करहु   गुरु   देव   की  नाई *
जो सत बार पाठ कर कोई    *     छुटहि    बंदि    महा    सुख   होई  *
जो यह पढ़े हनुमान चालीसा *    होय     सिद्धि     साखी     गौरीसा  *
तुलसीदास सदा हरि चेरा      *    कीजे    नाथ    ह्रदय    महँ     डेरा  *

हनुमान चालीसा हिंदी,
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दोहा :
पवन तनय संकट हरन ,मंगल मूरति रूप   |
राम लखन सीता सहित ,ह्रदय बसहु सूरभूप  ||


** इति श्रीहनुमान चालीसा सम्पूर्ण  **

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हनुमान चालीसा को पीडीऍफ़ में डाउनलोड करने के लिए निचे क्लिक करें



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अगर आप हनुमान चालीसा को पीडीऍफ़ में डाउनलोड करना चाहते हैं तो निचे दिए  डाउनलोड बटन पर क्लिक करें.
आप इसे सेव करके रख लें और रोजाना इसका पाठ करें. 


Benefits of Hanuman Chalisa

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हनुमान चालीसा के लाभ 

  • हनुमान चालीसा का पाठ करने से हनुमान जी कृपा आप पर सदा बनी रहती है. हनुमान चालीसा के प्रभाव से जीवन में आने वाले सभी संकटों से हनुमान जी रक्षा करतें हैं.
  • हनुमान चालीसा का नियमित पाठ करने से भक्त के ह्रदय से भय का नाश होता है. हनुमान चालीसा का पाठ नकारात्मक शक्तियों से व्यक्ति की रक्षा करता है. 
  • हनुमान चालीसा का पाठ करने से शरीर सदा रोग और व्याधि से बचा रहता है.
  • हनुमान चालीसा का पाठ करने से शरीर बलवान बनता है.
  • हनुमान चालीसा का पाठ करने से घर में सकारत्मक उर्जा प्रवाहित होती है.
  • हनुमान चालीसा का पाठ करने से घर में धन-धान्य की बृद्धि होती है. घर में शुख-सम्पति आती है.

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अलका याग्निक हनुमान चालीसा के लिए आप youtube पर जा सकतें हैं.अलका याग्निक हनुमान चालीसा के लिए आप निचे दिए लिंक पर क्लिक कर  सकतें हैं जो आपको दुसरे साईट पर ले जाएगा.





Jasraj hanuman chalisa



Suresh wadekar hanuman chalisa




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नोट : उपरोक्त के प्रकाशन में अति सावधानी बरती गयी है,फिर भी अगर कहीं कोई गलती हो गयी हो तो कृपया हमारा ध्यान उस गलती की तरफ दिलाने की कृपा करें.आप अपने सुझाव और सलाह कमेंट के रूप में दे सकतें हैं.हम आपकी सलाह और सुझाव का हार्दिक दिल से स्वागत करतें हैं.आपके सुझाव पर अगर आवश्यक हुआ तो हम जरुर सुधार करेंगे.



आप सब से अनुरोध है की इस प्रकाशन को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि पुरे विश्व में हनुमान जी की पताका लहरा सके.हमारा प्रयास है की हम अपने आराध्य श्री हनुमान जी की पताका पुरे विश्व में फहराएं.

धन्यवाद

जय श्री राम

जय हनुमान 


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